ऐरा-खीरी। संवाददाता
गोविंद शुगर मिल ऐरा की गन्ना विभाग सलाहकार डॉ. फौजिया तर्रानुम ने मंगलवार को मिल क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों से संवाद किया। उन्होंने गन्ना फसल की स्थिति का निरीक्षण करने के साथ किसानों को मिल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी।
डॉ. फौजिया ने कलुवापुर, लौकही, पार्शाबेली, देवीपुरा, लालजीपुरवा और टापरपुरवा सहित कई गांवों में लगाए गए प्रदर्शन प्लाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि क्षेत्र के किसान गन्ने के साथ भिंडी, लोबिया और मूंग जैसी सहफसलों की खेती कर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि सहफसली खेती से उनकी आमदनी बढ़ी है और खेती की लागत में भी कमी आई है। साथ ही समय-समय पर की जाने वाली जुताई से भूमि की उर्वरता में भी सुधार हो रहा है।
दौरे के दौरान किसानों ने समय पर गन्ना मूल्य भुगतान के लिए मिल प्रबंधन का आभार जताया। इसके बाद ग्राम टापरपुरवा में आयोजित किसान गोष्ठी में डॉ. फौजिया तर्रानुम ने किसानों को कृषि आदान, कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान तथा गन्ना बीज पर दी जा रही सब्सिडी की जानकारी दी।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए गोविंद शुगर मिल के रीजनल हेड यादवेंद्र प्रताप राव ने बताया कि मिल किसानों के लिए निःशुल्क मृदा परीक्षण की सुविधा उपलब्ध करा रही है। उन्होंने किसानों से ग्राम स्तरीय गन्ना सर्वेक्षण के दौरान खेतों पर उपस्थित रहकर पेड़ी, पौधा और शरदकालीन गन्ने का सही विवरण दर्ज कराने की अपील की।
बैठक में किसानों ने यूरिया खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। वहीं आगामी पेराई सत्र को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में डॉ. फौजिया ने कहा कि मौसम और शासन की नीतियों को ध्यान में रखते हुए किसानों से चर्चा के बाद उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।
कार्यक्रम में किसान संदीप शर्मा, लकविंदर ठाकुर, पंकज शर्मा, राजकुमार, मनजीत सिंह, हरिविंदर सिंह, जर्नैल सिंह, महेंद्र सिंह और जगतार सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। वहीं मिल की ओर से बृजेश अवस्थी, सतेंद्र तोमर, अनिल दीक्षित, मुदित शुक्ला और अनुज सिंह ने भी सहभागिता कर किसानों को योजनाओं की जानकारी दी।
किसानों ने सहफसली खेती, मृदा परीक्षण और कृषि यंत्रों पर मिल रहे अनुदान को लाभकारी बताते हुए मिल प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की।
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