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नशे के कारोबार की गिरफ्त में तराई, ‘उड़ता तराई’ बनने की ओर बढ़ता निघासन सर्किल

निघासन खीरी। जनपद खीरी का निघासन सर्किल इन दिनों नशे के कारोबारियों के चंगुल में फंसता नजर आ रहा है। नेपाल सीमा से सटे होने तथा दिल्ली और पंजाब के लिए सीधी निजी बस सेवाओं के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी और कारोबार तेजी से फैल रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि कभी हरियाली और खुशहाली के लिए पहचानी जाने वाली तराई अब ‘उड़ता तराई’ की पहचान की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। नशे की लत के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और भविष्य में इसकी चपेट में आने वालों की संख्या का अनुमान लगाना भी मुश्किल है।
सोमवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सिंगाही कस्बे में व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव गुप्ता के आवास पर करीब सात घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 3.862 किलोग्राम गांजा बरामद होने के बाद राजीव गुप्ता के बड़े पुत्र शिवम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। छापेमारी के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि वह लंबे समय से गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की छोटी-छोटी पुड़ियां बेचने का काम कर रहा था। शिकायत मिलने पर ही एनसीबी और एसएसबी ने यह कार्रवाई की थी।
इससे पहले भी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बरामदगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। 17 जनवरी को सिंगाही पुलिस ने स्मैक के साथ एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं 14 मार्च को एसएसबी डांगा ने चेकिंग के दौरान तीन नेपाली नागरिकों और एक भारतीय युवक को 4.520 ग्राम स्मैक तथा 2.790 ग्राम चरस के साथ पकड़ा था, जिन्हें तिकुनिया पुलिस के हवाले कर जेल भेजा गया।
इसके अलावा 25 मई को ड्रग इंस्पेक्टर और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में एक मेडिकल स्टोर से नशीली गोलियां बरामद हुई थीं, जिसमें नियमानुसार कार्रवाई की गई। इससे पूर्व एसएसबी खकरौला क्षेत्र में ब्राउन शुगर की बड़ी खेप भी बरामद कर चुकी है। दिल्ली जाने वाली बसों से भी कई बार स्मैक बरामद होने के मामले सामने आ चुके हैं।
सिंगाही कस्बे के मोहल्ला छावनी में भी खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री के आरोपों में एक परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज चुकी है। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि बड़े पैमाने पर सक्रिय नशा तस्कर क्षेत्र के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में लगे हुए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार तिकुनिया कोतवाली क्षेत्र के रननगर, खैरीगढ़ी और चक्कर पुलिया के आसपास शाम के समय खुलेआम स्मैक की बिक्री होने की चर्चाएं हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि तिकुनिया क्षेत्र की एक युवती सिंगाही तक स्मैक की तस्करी में संलिप्त है, हालांकि यह अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर बताई जाती है।
जिस तेजी से नशे का कारोबार तराई के युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है, उससे चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं होगा जब तराई का यह हरा-भरा इलाका अपनी पहचान खोकर ‘उड़ता तराई’ के नाम से जाना जाने लगेगा।
संपादक प्रेम बाजपेयी और चीफ क्रिएटर मशरूर खान की खास रिपोर्ट

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