तिकुनियां-खीरी। पड़ोसी देश नेपाल को जाने वाली सड़क बनते ही उखड़ने लगी हैं। निर्माण के समय ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे। जिसको लेकर लोगो मे लोकनिर्माण विभाग के खिलाफ रोष बना हुआ है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने की बात कही है।
गांव बनवीरपुर से खखरौला होते हुए नेपाल जाने वाली डामर सड़क बनते ही टूटने लगी है,बताया जाता हैं कि सड़क की बजरी उखड़ कर बिखर रही है और गड्ढे बन गए है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बने अभी कुछ ही दिन हुए है।,लेकिन जगह-जगह सड़क ध्वस्त होती नजर आने लगी है। जिस सड़क को देखकर ग्रामीणों ने सोचा था कि अब आवागमन आसान होगा,उसी सड़क की हालत देखकर लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी है। कही सड़क की ऊपरी परत कमजोर पड़ती नजर आ रही है। तो कही गिट्टी बाहर निकल आई है। ग्रामीणों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है। कि नई सड़क की उम्र इतनी कम कैसे हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान यदि गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा गया होता तो इतनी जल्दी सड़क की परत उखड़ने की नौबत नही आती। लोगों ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि सरकारी धन से सड़क बनती है,लेकिन यदि सड़क कुछ ही दिनों में टूटने लगे तो आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। लोगों का कहना है कि जनता के पैसे से बनी सड़क जनता को लंबे समय तक सुविधा देनी चाहिए,न कि कुछ दिनों बाद मरम्मत का खेल होना चाहिए।
किसानों व ग्रामीणों को आशंका है कि अगर सड़क की मौजूदा स्थिति पर समय रहते ध्यान नही दिया गया तो लगातार वाहनों के आवागमन के बाद सड़क की हालत और खराब हो सकती है। छोटी-छोटी टूट-फूट आगे चलकर बड़े गड्ढों का रूप ले सकती है। और राहगीरों की परेशानी बढ़ सकती है। इस रास्ते पर किसानों की फसल से भरी ट्रालियां और नेपाल जाने व आने वाले भारी वाहन भी निकलते हैं।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री,मोटाई और निर्धारित मानकों की जांच करे,ताकि साफ हो सके कि आखिर नई सड़क इतनी जल्दी खराब होने की वजह क्या है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अगर निर्माण पूरी तरह मानकों के अनुसार हुआ है तो जांच से स्थिति साफ हो जाएगी और अगर कही कमी हुई है तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
अब निगाहें लोकनिर्माण विभाग पर है कि सड़क सुधरेगी या केवल खानापूर्ति की जाएगी।
फिलहाल नई सड़क की उखड़ती परतें खुद सवाल कर रही है कि निर्माण में मजबूती थी या सिर्फ खानापूर्ति की गई हैं। लोकनिर्माण विभाग के जेई आरके नागर ने बताया कि जलभराव के चलते सड़क क्षतिग्रस्त हुई है,जल्द ही मरम्मत कराया जाएगा।
बनवीरपुर से डांगा को जाने वाला डामर रास्ता भी खस्ताहाल होता जा रहा है,इस रास्ते को बने अभी एक साल भी नही हुआ है,लेकिन सड़क टूट रही है और पुलिया धंस रही है। यह संपर्क मार्ग कड़िया ,डांगा ,गुलरिया पत्थर शाह , गुलरिया घाट, दीपनगर , बेलापरसुआ , रघुनगर , बेलरायां, गोवर्धनपुर, गब्दू टांडा ,चीमा टांडा आदि गांवों के किसानों व ग्रामीणों के लिए लाइफ लाइन जैसा काम करती है।


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