सिंगाही-खीरी, संवाददाता। सिंगहां खुर्द में चल रहे मां दुर्गा महाशतचंडी यज्ञ में सातवें दिन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। वृंदावन से आए कलाकारों ने कृष्णलीला में कंस वध और रामलीला में भरत मिलाप के प्रसंग का सजीव मंचन किया। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय, आकर्षक वेशभूषा और प्रभावशाली संवादों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। देर रात तक यज्ञ पंडाल में दर्शकों की भीड़ जुटी रही और जय श्रीराम व राधे-कृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।
कृष्णलीला में कंस के अत्याचारों का अंत
कृष्णलीला में भगवान श्रीकृष्ण और कंस के बीच हुए संघर्ष का मंचन किया गया। अत्याचारी कंस के आतंक से मथुरावासी परेशान थे। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस के अत्याचारों का अंत कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया। कंस वध का दृश्य देखकर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से संदेश दिया कि अन्याय और अधर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और धर्म की ही होती है।
रामलीला में भरत मिलाप ने किया भावुक
रामलीला में भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान भरत के उनसे मिलने पहुंचने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। भरत ने भगवान श्रीराम से अयोध्या लौटने का आग्रह किया, लेकिन पिता के वचन का पालन करने के लिए श्रीराम ने वनवास पूरा करने का संकल्प दोहराया। दोनों भाइयों के प्रेम, त्याग और समर्पण के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कलाकारों ने भाईचारे और मर्यादा का संदेश देते हुए दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के युवा नेता हिमांशु पटेल ने पहुंचकर आशीर्वाद लिया और आयोजन समिति के सदस्यों से मुलाकात की। इस मौके पर यज्ञ समिति अध्यक्ष वीरेंद्र निषाद, डॉ संतोष वर्मा, जंगबहादुर यादव,अनुपम वर्मा, संदीप शुक्ला, विजेंद्र यादव, राजेश वर्मा, असगर अली, विकास पटेल, विनीत वर्मा, हर्षित वर्मा और सरजीत यादव सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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