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बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई मुसीबत, गैवियान डूबे; चौथी बार बेघर हुए ग्रामीणों ने मांगी स्थायी जमीन

 

तिकुनियां-खीरी। मोहाना नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और बारिश ने जसनगर व कश्यपनगर क्षेत्र में बंधे की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ा दिया है। नदी का पानी बंधे के समानांतर बहने से सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गए गैवियान भी पानी में डूबने लगे हैं। बंधे को बचाने के लिए विभागीय टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन बढ़ता जलस्तर और तेज बारिश काम में बाधा बन रही है।

नदी की धारा को बंधे से दूर करने के लिए सिंचाई विभाग गैवियान के जरिए ठोकरें बनाने में जुटा है। क्षेत्र के ईंट-भट्ठों से अद्धा, रोड़ा और ईंट से भरी ट्रालियां लगातार मौके पर पहुंच रही हैं। मजदूर बोरियों में निर्माण सामग्री भरकर नदी में डाल रहे हैं, ताकि धारा का रुख मोड़ा जा सके।

चौथी बार उजड़े परिवार, अब स्थायी पुनर्वास की मांग

कटान और बाढ़ से प्रभावित 37 परिवार इस समय गांव के स्कूल में शरण लिए हुए हैं। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से उन्हें बंधे के दक्षिण सुरक्षित स्थान पर स्थायी रूप से बसाने की मांग की है। शोभावती, जमुना देवी, सुमन, छोटी और झिनकी समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि नदी के कहर के चलते वे चौथी बार अपना घर-बार छोड़ने को मजबूर हुए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि हर साल विस्थापन से बेहतर है कि उन्हें ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर स्थायी आवास दिया जाए।

स्कूल में रह रहे परिवारों ने राहत में रोज दी जा रही पूड़ी को लेकर भी व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। उधर, कटान पीड़ितों के स्कूल में ठहरने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विद्यालय का संचालन केवटली गांव में बने स्कूल से किया जा रहा है।



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