तहसील अधिवक्ता संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में तहसील के मुख्य द्वार पर छोटे गेट का निर्माण कराने की मांग की गई है, ताकि अनधिकृत लोगों के आवागमन पर रोक लग सके। मुख्य गेट पर दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने तथा आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर प्रवेश देने की भी मांग की गई है। इसके साथ ही मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है।
ज्ञापन में तहसील परिसर के उत्तर दिशा में बन रही नई बिल्डिंग के कारण पुराने मुख्य गेट के पास बंद किए गए रास्ते को दोबारा खोलने अथवा वहां गेट लगाने की मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने निघासन के झंडी रोड स्थित मुंसिफ कोर्ट को ग्रामीण क्षेत्र के बजाय शहरी क्षेत्र के अंतर्गत जोड़ने की मांग भी रखी, जिससे वहां बिजली की सप्लाई शहरी क्षेत्र के अनुसार हो सके।
अधिवक्ताओं ने निघासन में संचालित मुंसिफ कोर्ट, तहसील और थाना आदि कार्यालयों के चलते बिजली कटौती के समय में भी राहत देने की मांग की। ज्ञापन में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक कटौती नहीं किए जाने की बात कही गई है। साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर तत्काल अस्थायी आधार केंद्र खोलने तथा ब्लॉक निघासन के सभी बैंक घरों पर आधार का कार्य शुरू कराने और आधार मशीन उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
वहीं, सेंट्रल बार एसोसिएशन निघासन-खीरी की ओर से दिए गए दूसरे ज्ञापन में भी झंडी रोड स्थित मुंसिफ कोर्ट को ग्रामीण क्षेत्र से हटाकर शहरी क्षेत्र में जोड़े जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे न्यायालय परिसर को शहरी क्षेत्र के अनुरूप बिजली की आपूर्ति मिल सकेगी और उसे 24 घंटे की विद्युत कटौती से मुक्त रखा जा सकेगा।
दोनों अधिवक्ता संगठनों ने उपजिलाधिकारी से अधिवक्ताओं, न्यायिक कार्य और आम जनता से जुड़ी इन समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराने का अनुरोध किया है। ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता संघ एवं सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य शामिल रहे।

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