निघासन। ढखेरवा चौराहे पर शारदा नहर का पुल एक बार फिर हादसे के खतरे को लेकर चर्चा में है। मंगलवार को घर से नाराज होकर निकली 16 वर्षीय किशोरी ने नहर में छलांग लगा दी। उसे बचाने के लिए बिहार निवासी बस चालक मुन्ना ने बिना अपनी जान की परवाह किए नहर में छलांग लगा दी। करीब 300 मीटर तक वह तेज बहाव में किशोरी को तलाशता रहा। इस दौरान उसकी खुद की जान भी खतरे में पड़ गई। मुन्ना को डूबता देख मौके पर मौजूद सुजानपुर निवासी दिनेश और लखहा निवासी मुकद्दम ने नहर में छलांग लगा दी। दोनों ने किसी तरह मुन्ना को बाहर निकाला। काफी देर तक नहर में रहने के कारण मुन्ना अचेत हो गया। सूचना पर पहुंचे पढ़ुआ थाना प्रभारी मोहित पुंडीर ने उसे तत्काल अपनी सरकारी गाड़ी से रमियाबेहड़ सीएचसी पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसकी हालत सामान्य बताई है। चप्पलों से हुई किशोरी की पहचान किशोरी के नहर में छलांग लगाने के बाद मौके पर उसकी चप्पलें बरामद हुईं। वहां पहुंचे परिजनों ने चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान निघासन कस्बे के परागी पुरवा निवासी विद्या प्रसाद लोध की 16 वर्षीय बेटी चांदनी के रूप में की। किशोरी के भाई ने बताया कि चांदनी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह घटना से करीब एक घंटे पहले घर से निकली थी। उसके घर से निकलने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। नहर में दिखा घड़ियाल, बचाने वालों की भी अटकी सांसें किशोरी को बचाने के लिए मुन्ना जैसे ही नहर में कूदा, इसी दौरान नहर के पानी में एक बड़ा घड़ियाल भी दिखाई दिया। घड़ियाल को नहर में तैरते देखकर मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। इसके बावजूद दिनेश और मुकद्दम ने अपनी जान जोखिम में डालकर मुन्ना को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी।
तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन काफी तलाश के बाद भी किशोरी का कोई पता नहीं चल सका। घटना के बाद नहर पुल पर लोगों की भीड़ जुट गई।

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