मझगईं (लखीमपुर खीरी)। वन क्षेत्र से सटे छब्बापुरवा गांव में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात हाथियों के एक झुंड ने गांव के किसान श्रीप्रकाश मौर्या के खेत में घुसकर करीब तीन एकड़ में खड़ी गन्ने और धान की फसल को रौंद डाला। इससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार देर रात जंगल से निकले हाथी सीधे खेतों में पहुंच गए। हाथियों ने काफी देर तक खेत में उत्पात मचाया और तैयार खड़ी फसल को तहस-नहस कर दिया। हाथियों की चिंघाड़ और खेतों में मच रही तबाही देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाया, टॉर्च की रोशनी और आग जलाकर किसी तरह हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ा।
सुबह किसान श्रीप्रकाश मौर्या जब खेत पर पहुंचे तो तीन एकड़ में फैली बर्बादी देखकर उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि फसल तैयार करने में काफी मेहनत और लागत लगी थी, लेकिन एक ही रात में सब कुछ बर्बाद हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से हाथियों का खेतों की ओर आना अब आम बात हो गई है, जिससे हर समय जान-माल का खतरा बना रहता है। किसानों ने वन विभाग से हाथियों की आवाजाही रोकने के प्रभावी इंतजाम करने तथा पीड़ित किसान को शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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