तिकुनियां-खीरी। कस्बे में चल रहे दशहरे मेले में मुनि आगमन और ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया।
यज्ञ की रक्षा के लिए मुनि विस्वामित्र राम व लक्ष्मण की मांग करने के लिए राजा दसरथ के पास जाते है और पुत्रो की मांग करते है। पुत्रों की मांग पर राजा दशरथ पूरी सेना भेजने की बात कहते है लेकिन पुत्रों को देने में संकोच करते हैं। जिससे विस्वामित्र नाराज होकर चलने लगते है तभी गुरु वशिष्ठ राजा दशरथ को समझाते हैं कि पुत्रों का अहित नहीं होगा तब राजा दशरथ पुत्रों को विस्वामित्र के हाथ सौप देते है।
एक वन में विस्वामित्र हवन कर रहे थे तभी राक्षस सुबाहु और ताड़का विघ्न डालते है और वेदी को खंडित करने का प्रयास करते है जिससे चारो तरफ अफरा तफरी मच जाती है। जब राम ताड़का को ललकारते है तो वह राम पर हमला कर देती है। श्रीराम मर्यादा का पालन करते हुए एक ही तीर से ताड़का का संहार करते है। ऋषि विस्वामित्र प्रसन्न होकर राम व लक्ष्मण को दिव्य अस्त्र शस्त्र प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर किशन महावर,जितेंद्र गुप्ता,अजय गर्ग, शिशिर गुप्ता, उमेश निषाद,रेनू राना,दिनेश गोयल, अनिल कुंबले सहित तमाम लोग मौजूद रहे।



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