तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। नेपाल सीमा से सटी जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। विकासखंड निघासन और पलिया की कुल 47 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराए जाने के लिए सीमा प्रबंधन विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के अंतर्गत कार्ययोजनाओं को संस्तुति प्रदान की गई है।
यह संस्तुति पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ‘टेनी’ के प्रयासों के बाद मिली है। प्रस्तावित कार्यों में सीमा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन, सामुदायिक सभागारों के निर्माण, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को बढ़ावा देने, दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने, सहकारी समितियों की स्थापना तथा पर्यटन और संस्कृति से जुड़े कार्यों को शामिल किया गया है।
निघासन विकासखंड की 18 ग्राम पंचायतों—बरसोला कलां, सूरतनगर, बनवीरपुर, रघुनगर, महराजनगर, गंगानगर, गुलरियापत्थरशाह, दरेहटी, दीपनगर, कड़िया, लालापुर, मोतीपुर, निबौरिया, सिसवारी, इंद्रानगर, उमरा, जसनगर और रायपुर—को इस योजना में शामिल किया गया है।
इसी तरह पलिया विकासखंड की 29 ग्राम पंचायतों—चंदनचौकी, पोया, गुबरौला, परसिया, बंदरभरारी, रामनगर, गोविंदनगर कालोनी, कमलापुर कालोनी, कृष्णानगर कालोनी, कजरिया, कीरतपुर, माननगर, घोला, ध्यानपुर, मसानखम्भ, बनकटी, भूड़ा, सिंगहिया, सेमरी, बहादुरनगर, भूपनगर, रामगढ़, सूरमा, बनगवां, रानीनगर कालोनी, बसही कालोनी, भानपुरी कालोनी और मिर्चिया—को भी योजना के तहत विकास कार्यों के लिए संस्तुति मिली है।
सीमा क्षेत्र की इन ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की संस्तुति मिलने से ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों में खुशी का माहौल है। ग्राम प्रधानों एवं ग्रामीणों ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ‘टेनी’ के प्रति आभार प्रकट किया है।
रिपोर्ट: संतोष मिश्र

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