तिकुनिया(लखीमपुर खीरी)
ग्रामसभा सुथना बरसोला के बाशिन्दे जलभराव की समस्या से जूझ रहे है। थोड़ी सी बरसात ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन जाती है। जलनिकासी के लिए बने नाले केवल शो पीस बने हुए हैं।
बीते एक दशक से सुथना बरसोला के बाशिन्दे जलभराव की समस्या से जूझ रहे है,और बरसात में भरे हुए गंदे पानी से निकलने को मजबूर है। स्कूली बच्चों को भी इसी गंदे पानी से निकलना पड़ता है और कई बार इस गंदे पानी में गिरकर घायल हो जाते है।
पंचायत में क्षेत्र पंचायत,जिला पंचायत और पीडब्ल्यूडी से नाले का निर्माण किया गया है लेकिन कोई भी नाला जलनिकासी की समस्या को हल करता नजर नही आता। गांव के मोहन,रिजवान,ध्रुव,मुन्ना आदि ने बताया कि पूर्व में जो नाले बनाए गए उसमे कस्बे के जलभराव की अनदेखी की गई जिससे जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। कस्बे के मनोज महावर,मोहित छाबड़ा ने बताया कि जो भी नाले बनाए गए हैं उनकी तलहटी ऊंची कर दी गई जिससे कस्बे व गांव का पानी नाले में नही जा पाता और भरा रहता है।
ग्राम प्रधान शफीक अहमद ने बताया कि पूर्व में जो नाले बने है उन्हें गांव व कस्बे के जलस्तर से ऊंचा बना दिया गया,जिससे नाले में पानी नही जा रहा है और पीडब्ल्यूडी ने जो नाला कुछ माह पहले बनाया उन्होंने भी जलस्तर का ध्यान कहने के बाबजूद नही दिया,जिससे यह नाले केवल शोपीस बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम निधि से एक किमी नाले का प्रस्ताव भेजा गया है जो कि रईस के घर से हसनू के खेत तक जाएगा और कस्बे व गांव का पानी भी निकल जायेगा।
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