बेलरायां ( लखीमपुर खीरी) -दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग पलिया खीरी की संवेदनशील रेंज बेलरायां में सेवा के अंतिम चरण में कार्यरत रहे जगदीश प्रसाद राना वन दरोगा दिनांक 31 जुलाई 2026 को अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए। उनके सम्मान में आज राकेश कुमार तिवारी क्षेत्रीय वनाधिकारी बेलरायां के निर्देशन में बेलरायां रेंज स्टाफ द्वारा विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संक्षिप्त परिचय के उपरांत क्षेत्रीय वनाधिकारी बेलरायां, व अतिथियों एवं रेंज स्टाफ द्वारा सेवानिवृत्त वन दरोगा, उनकी जीवन संगिनी एवं परिवार के सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। क्षेत्रीय वनाधिकारी, अन्य अतिथियों एवं स्टाफ द्वारा सेवानिवृत्त श्री राना जी को अंग वस्त्र प्रदान किए।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे रमेश कुमार वरिष्ठ सहायक द्वारा श्री राना जी के सेवाकाल पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनों के साथ जानकारी साझा की इन्होंने वर्ष 1991 में वन्य जीव रक्षक के पद से सेवा का सफर एक पदोन्नति प्राप्त कर वन दरोगा के पद से सेवानिवृत्त होने के बावजूद अपने राजकीय दायित्वों का बिना किसी आकांक्षा बिना किसी मनचाही तैनाती के पूरी निष्ठा, लगन, परिश्रम, सजगता एवं सक्रियता के साथ निर्वहन किया। यदि वह अपनी सेवाकाल के 26 वर्ष पूर्ण करने के बाद एकमात्र पदोन्नति के बजाय प्रथम पदोन्नति समय से प्राप्त कर लेते तो निसंदेह आज वह क्षेत्रीय वनाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होते, ऐसे कई उदाहरण हैं, परंतु यह एक राजकीय प्रक्रिया का हिस्सा है कभी समय से और कभी विलंब की स्थितियां उत्पन्न होती हैं। इस बात की मन में एक कसक होने के बावजूद इसे कभी भी अपने दायित्वों के निर्वहन के बीच नहीं आने दिया। वह बेलरायां रेंज जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अपने कुल सेवाकाल के आधे से ज्यादा समय में 18 वर्ष अकेले बेलरायां रेंज में पृथक-पृथक समय में तैनात रहे। वह किशनपुर रेंज में हुई बाघ दुर्घटना प्रकरण में दुर्भाग्यवश परेशानी की खट्टी-मीठी यादों के बावजूद अपने कर्तव्य पथ पर अटल रहे परिणाम स्वरूप एक ऐसा समय भी सेवाकाल में आया जब उनकी निष्ठा कर्तव्यपरायणता का पारितोषिक दुधवा टाइगर रिजर्व के सर्वोच्च पुरस्कार बिली अर्जन सिंह (मीरा बलराम पुरस्कार) से विगत वर्ष के वन्य प्राणी सप्ताह कार्यक्रम के समापन समारोह में नवाजा गया। इस पुरुस्कार के रूप में उन्हें ट्राफी, प्रशस्ति पत्र एवं मु० 50000/ रुपये पचास हजार की चेक प्रदान की गई। श्रीं राना जी द्वारा न केवल अपने सेवाकाल में अच्छा करने का प्रयत्न किया अपितु अपने परिवार को अपनी सहधर्मिणी के सहयोग से काफी अच्छी तरह संवारा बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाई, जिसके परिणामस्वरूप उनके 4 बच्चों में से 3 आज राजकीय सेवा में सेवारत एवं एक उसकी ओर अग्रसर है।
श्री राना जी के सेवाकाल के अनुभव के विषय में विजय कुमार वन दरोगा ने प्रकाश डाला तथा शरीफ अहमद वन दरोगा जिन्होंने कतर्नियाघाट से स्थानांतरित होने के बाद दुधवा की बेलरायां रेंज में अपना पहला कार्यभार श्री राना जी से ग्रहण किया था, सेवानिवृत्त के उपरांत उनके द्वारा ही श्री राना जी का सेवानिवृत्त उपरांत कार्यभार ग्रहण करते हुए उनको मुक्त किया गया। श्री शरीफ अहमद ने श्री राना जी के विषय में अपना अनुभव साझा करते हुए श्री राना जी द्वारा किए गए मार्ग दर्शन के लिए उनका आभार प्रकट किया।
श्री राना जी ने अपना अनुभव साझा करते हुए सभी कार्मिकों को मेहनत, ईमानदारी एवं लगन से काम करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही यह भी साझा किया कि ईमानदारी से काम करने का निसंदेह अच्छा परिणाम ही मिलता है।
क्षेत्रीय वनाधिकारी राकेश कुमार तिवारी जो इस विदाई समारोह के सूत्रधार एवं आयोजक थे, उनके द्वारा श्री राना जी की अधिवर्षता आयु के साथ अग्रिम मंगलमय भविष्य हेतु बधाई प्रदान की। साथ ही आग्रह किया कि सेवाकाल के दौरान राजकीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं के दृष्टिगत हो सकता है अधिकारीगण आपसे कठोरता से पेश आए हों उनको राजकीय व्यवस्था का एक भाग समझकर उसको यही छोड़ कर जाइए यहां से अच्छी यादें लेकर जाइए।
कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय वनाधिकारी राकेश कुमार तिवारी बेलरायां रेंज, शरीफ अहमद वन दरोगा, विजय कुमार वन दरोगा, अनिल कुमार श्रीवास्तव वन दरोगा, गरीबा लाल, वन दरोगा,सुशील कुमार सिंह वन्य जीव रक्षक, शैलेश कुमार निषाद वन्य जीव रक्षक/रेंज क्लर्क, मोहम्मद उमर महावत, दिनेश कुमार वर्मा वाहन चालक, सतवीर, अनिल तिवारी कार्यालय सहायक, सतीश चंद्र राठौर वन दरोगा, सुमित कुमार वन्य जीव रक्षक, रमेश गुप्ता वायरलेस आपरेटर, अंजनी कुमार,कबीर दास व अन्य बेलरायां रेंज स्टाफ, बेलरायां क्षेत्रांतर्गत से उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा स्मृति चिन्ह/उपहार प्रदान किया गया। सेवानिवृत्त क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक कुमार कश्यप एवं शकील अहमद वरिष्ठ संवाददाता समाजसेवी एवं सहयोगी की तरफ से स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए श्री कश्यप जी ने बताया कि श्री राना जी वन विभाग में एक समर्पित, कर्तव्यनिष्ठ, समयबद्ध तरीके से कार्य करने वाले कर्मचारी थे।उनके कार्यों की जितनी तारीफ की जाए कम है ।मैं उनके लिए शब्दों का चयन करने में स्वयं को असहज महसूस कर रहा हूं।रिटायरमेंट के बाद वे शांतिपूर्ण ढंग से जीवन यापन करें यही मेरी अभिलाषा है।
Post a Comment