Top News

मोहाना नदी का जलस्तर घटते ही तेज हुआ कटान, घरों और दुर्गा मंदिर पर मंडराया खतरा


 

तिकुनियां-खीरी। मोहाना नदी के जलस्तर में गिरावट आते ही जसनगर गांव में कटान तेज हो गया है। नदी और बंधे के बीच बसे घरों के साथ ही दुर्गा मंदिर पर भी कटान का खतरा बढ़ गया है। सिंचाई विभाग की ओर से कराए जा रहे गैवियान कार्य भी फिलहाल कटान रोकने में कारगर होते नजर नहीं आ रहे हैं।

पिछले तीन वर्षों से मोहाना नदी जसनगर गांव में लगातार कटान कर रही है। रविवार देर रात नदी का जलस्तर घटने के बाद कटान की रफ्तार और बढ़ गई। इससे बंधे और नदी के बीच बसे घरों पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं, दुर्गा मंदिर के सामने लगाया गया जियोट्यूब बैग कट जाने से मंदिर भी कटान की जद में आ गया है। मंदिर के पूर्व दिशा में नदी ने कटान कर बंधे के समानांतर बहना शुरू कर दिया है।


गांव निवासी नत्थूराम, गोवर्धन और दिनेश ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले जियोट्यूब बैग लगाए जाने के बाद नदी के कटान को रोकने के लिए कोई स्थायी उपाय नहीं किया गया। उनका आरोप है कि बरसात में नदी विकराल रूप धारण करती है, तब विभाग कटान रोकने की कोशिश करता है, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। इससे सरकारी धन खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को स्थायी राहत नहीं मिल पाती।

ग्रामीणों के अनुसार, उनके घरों के सामने बह रही नदी की गहराई करीब 60 से 70 फुट है। ऐसे में विभाग की ओर से डाले जा रहे गैवियान का कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कई घर नदी की धारा में समा सकते हैं।

शिव भगवान, राजकुमार, संतोष और सियाराम ने बताया कि पहले भी नदी की कटान से उन्हें अपना घर-बार छोड़कर यहां आकर बसना पड़ा था। अब नदी फिर घरों के मुहाने तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन कटान के भय के कारण कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से नदी की धारा को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी इंतजाम किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल कटान रोकने के नाम पर सरकारी धन खर्च हो रहा है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया तो नदी कई घरों और मंदिर को अपनी चपेट में ले सकती है।

Post a Comment

أحدث أقدم