निघासन-खीरी। मझगईं रेंज की महोली बीट से सटे गांवों में बुधवार रात जंगल से निकले हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। करीब साढ़े आठ बजे हाथियों ने दिलावलपुरवा, टांडा और बौधियाखुर्द गांवों की ओर रुख कर खेतों में खड़ी कई एकड़ गन्ने की फसल रौंदकर नष्ट कर दी। किसान करोड़ी, अवध राम, गयादीन, मेलाराम, रामप्रसाद और सुरेश मौर्य की फसल को भारी नुकसान हुआ। हाथियों की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। पटाखे दागने, ढोल बजाने और खेतों के किनारे आग जलाने के बाद काफी मशक्कत से हाथियों को वापस जंगल भेजा गया। फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। रेंजर अंकित सिंह ने नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिलाने की बात कही है।
निघासन-खीरी। मझगईं रेंज की महोली बीट से सटे गांवों में बुधवार रात जंगल से निकले हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। करीब साढ़े आठ बजे हाथियों ने दिलावलपुरवा, टांडा और बौधियाखुर्द गांवों की ओर रुख कर खेतों में खड़ी कई एकड़ गन्ने की फसल रौंदकर नष्ट कर दी। किसान करोड़ी, अवध राम, गयादीन, मेलाराम, रामप्रसाद और सुरेश मौर्य की फसल को भारी नुकसान हुआ। हाथियों की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। पटाखे दागने, ढोल बजाने और खेतों के किनारे आग जलाने के बाद काफी मशक्कत से हाथियों को वापस जंगल भेजा गया। फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। रेंजर अंकित सिंह ने नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिलाने की बात कही है।

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