मझगईं (लखीमपुर-खीरी)। मझगईं वन रेंज क्षेत्र में जंगल से निकलकर आबादी और खेतों की ओर पहुंच रहे हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार रात मुर्गहा गांव के पास चार-पांच हाथियों के झुंड ने खेतों में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने गन्ना, धान, सब्जी और केले की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। करीब दस किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार देर रात हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर सबसे पहले तिकोना फार्म निवासी हरविंदर सिंह उर्फ मंगा के केले के खेत में पहुंचा। यहां फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों का झुंड मुर्गहा गांव के पास खेतों में पहुंच गया। हाथियों ने रातभर खेतों में घूमकर खड़ी फसलों को रौंद दिया।
हाथियों के उत्पात से सुभाष कुमार, वेदराम यादव, संजीत कुमार, रेशम, झबलू, शिवम, पुनीत, राजू, श्रीकेशन और ब्रह्मादीन की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि हजारों रुपये की फसल बर्बाद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
फसलों को रौंदने की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। ग्रामीणों की आवाज सुनकर हाथियों का झुंड जंगल की ओर चला गया। किसानों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम समय से मौके पर नहीं पहुंचती, जिससे हाथियों के लगातार खेतों में आने से किसानों में भय बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया। वन विभाग ने ग्रामीणों को रात के समय खेतों की ओर न जाने की सलाह दी है।
पीड़ित किसानों ने वन विभाग से फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने के साथ हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने और गांवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाने की मांग की है।
अगर चाहें तो इसे अमर उजाला/हिन्दुस्तान की ज्यादा धारदार स्थानीय खबर के अंदाज में भी तैयार कर सकता हूं।
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