लखीमपुर खीरी। खीरी पुलिस ने सोशल मीडिया पर आरक्षी उमाशंकर भारती की मृत्यु को लेकर प्रसारित किए जा रहे भ्रामक दावों का खंडन करते हुए अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में असत्य एवं भ्रामक जानकारी प्रसारित कर जनमानस को गुमराह करने का प्रयास किया गया, जिसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देश पर जारी प्रेस नोट के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर द्वारा यह दावा किया गया था कि आरक्षी उमाशंकर भारती तिकुनिया कांड के "इकलौते गवाह" थे और उनकी हत्या कर दी गई। खीरी पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह असत्य और भ्रामक बताया है।
पुलिस के अनुसार, आरक्षी उमाशंकर भारती तिकुनिया कांड के गवाह नहीं थे, बल्कि एक गवाह की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थे। उनकी मृत्यु ट्रेन दुर्घटना में हुई थी। इसलिए सोशल मीडिया पर हत्या और तिकुनिया कांड के इकलौते गवाह होने संबंधी दावे पूरी तरह निराधार हैं।
प्रेस नोट में बताया गया है कि इस संवेदनशील मामले में झूठी और भ्रामक खबरें फैलाने वाले एक्स हैंडल @Ankitydv92 के संचालक के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम, जनपद खीरी में मु.अ.सं. 36/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
खीरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें। अपुष्ट, भ्रामक अथवा अफवाह फैलाने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाली झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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