सिगाही-खीरी। थाना क्षेत्र में बढ़ते तेंदुए के हमलों का असर अब सामाजिक ताने-बाने पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तेंदुए के हमलों में हुई तीन मौतों के बाद पूरे ग्रामीण अंचल में भय का माहौल बना हुआ है। हालांकि वन विभाग लगातार ग्रामीणों को जागरूक करते हुए रात के समय घर के बाहर न सोने की अपील कर रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे घटनाओं में कमी आएगी।
इस समय सबसे अधिक दहशत सिंगहा और संहजना गांव के लोगों में है। एक सप्ताह पूर्व संहजना गांव में घर के बाहर सो रही संध्या देवी पर तेंदुए ने हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद से ग्रामीण भय के साए में जी रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि तेंदुआ गांव के आसपास ही लगातार चहलकदमी कर रहा है, लेकिन अब तक वन विभाग के लगाए गए पिंजरों में कैद नहीं हो सका है।
शादी-विवाह के सीजन में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। गांवों में आने-जाने वाले मेहमानों और स्थानीय लोगों में डर बना हुआ है। संहजना निवासी विनोद कुमार मौर्य ने बताया कि उनके यहां तिलक समारोह रात में होना था, लेकिन तेंदुए के खतरे को देखते हुए कार्यक्रम दिन में आयोजित करना पड़ा, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
नार्थ खीरी बेलरायां के रेंजर भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए संहजना गांव के पास चार पिंजरे और कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक तेंदुआ उनके आसपास भी नहीं पहुंचा है। वहीं 2 मई 2026 को दरेटी के पास तेंदुए की लोकेशन मिलने के बाद वहां भी एक पिंजरा लगाया गया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए डिवीजन से अतिरिक्त वनकर्मी तैनात किए गए हैं, जो ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं।
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