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36 वर्षों से ठाकुर दिनेश सिंह कर रहे उर्स का आयोजन, मजार बनी हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक

सिंगाही खीरी। कौमी एकता का प्रतीक हजरत मलंग शाह के उर्स का आयोजन बीते 36 वर्षों से एक ठाकुर परिवार करा रहा है। निघासन विकासखंड के गांव बंगल्हा तकिया में हजरत मलंग शाह की मजार है। माना जाता है कि यहां पर सच्चे मन से मांगी गई मनौती पूरी हो जाती है। शुक्रवार को आयोजित हुए उर्स में भारी संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंचकर चादरपोशी की।
जहां देश मे आस्था के नाम पर भेदभाव और अलगाववाद का बोलबाला है, वहीं ग्राम पंचायत बंगल्हा तकिया में स्थित बाबा हजरत मलंग शाह की मजार हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लिए धार्मिक सौहार्द्र और भाईचारे का प्रतीक बनी हुई है। पिछले 36 वर्षों से ठाकुर परिवार हज़रत मलंग शाह की मजार पर उर्स का आयोजन करा रहा है।  शुक्रवार को प्रत्येक वर्ष की भांति जिला पंचायत सदस्य ठाकुर दिनेश सिंह ने मजार पर चादरपोशी कर उर्स का शुभारंभ किया। ठाकुर दिनेश सिंह ने बताया कि मजार पर जो भी सच्चे मन से मन्नत मांगता है, उसकी मन्नत अ‌वश्य पूरी होती है। रात में आयोजित कव्वाली के कार्यक्रम को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी। करदाहिया निवासी रामप्रसाद भार्गव   ने बताया कि जहां पूरे देश में मंदिर-मस्जिद के लिए दो फाड़ देखे जाते हैं, वहीं इस उर्स में दोनों धर्मों की कौमी एकता प्रदर्शित होती है।उन्होंने बताया कि एक हिंदू परिवार द्वारा कई वर्षों से पूजा-अर्चना की जाती है। इस आयोजन से सभी धर्मों को इस जगह से सीख लेनी चाहिए कि आपसी सौहार्द्र बना रहे।

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