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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना सफ़ेद हाथी, सिंगाही में स्वास्थ्य सेवाए पटरी से उतरी।

          प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंगाही
सिंगाही खीरी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना सफ़ेद हाथी केंद्र प्रभारी के अनुपस्थित रहने पर सिंगाही के मरीज़ों को मजबूरन प्राइवेट नर्सिंग होम में करवाना पड़ रहा इलाज, जिससे आए दिन बढ़ रही है, झोलाछाप डॉक्टरों की तादाद।मरीजों को बीमारी का इलाज कराने के लिए निजी चिकित्सालयों के डॉक्टरों द्वारा लिखी महंगी दवाइयां लेने पर मजबूर। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जिन कमरों में दवाइयां और मरीज़ों को बैठने की जगह होनी चाहिए उसमें भरा हुआ कबाड़। 
शासन व प्रशासन के सख्त आदेश के बाद भी डाक्टर समय से और प्रतिदिन अस्पताल में नहीं आते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र से इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज भटकने को मजबूर हैं। इंतजार के बाद उन्हें बगैर इलाज के वापस होना पड़ता है।
                रमाकांत जायसवाल
रमाकांत जायसवाल ने बताया मौसम में बदलाव के चलते बीमारियों का खतरा बढ रहा है ऐसे में डाक्टर को अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए समय पर अस्पताल पहुंचना चाहिए
                   विवेक श्रीवास्तव
विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि सिंगाही कस्बे में बड़ी आबादी रहती यहां के अस्पताल में एम डी स्तर के डाक्टर की नियमित तैनाती होनी चाहिए 
                   प्रहलाद सिंह
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे प्रहलाद सिंह ने बताया कि सरकार यहाँ अस्पताल पर लाखों रुपये खर्च कर रही है लेकिन लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा। अस्पताल पर तैनात डॉक्टर केवल हाजिरी लगाने आते हैं।
                   दीप शाह
कस्बे के दीप शाह ने बताया कि अस्पताल में लोगों को मजबूरन फार्मासिस्ट से परामर्श लेना पड़ता है या फिर पास के निजी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच करवा कर डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में स्वास्थ्य व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
तराई की आवाज के साथ
एडिटर मसरुर खान की रिपोर्ट

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