दिल्ली की हवा में सोमवार को प्रदूषण का स्तर मानकों से पांच गुना तक ज्यादा दर्ज किया गया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वेबसाइट सफर की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। वहीं आसपास के इलाकों में भी हवा में प्रदूषण का स्तर 300 एक्यूआई से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। सेटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों में साफ देखा जा रहा है कि सीमा से लगे पाकिस्तान के कई हिस्सों और पंजाब-हरियाणा में किसान बड़े पैमाने पर पराली जलाई जा रही है। यहां से निकले धुएं की चादर दिल्ली और एनसीआर के चारों ओर देखी जा सकती है। हवा की बेहद धीमी गति के चलते ये धुआं हवा में फंसा हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ दिन दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों को इस दमघोंटू हवा में ही सांस लेना होगा।
नई दिल्ली, जेएनएम। दिल्ली की हवा में सोमवार को प्रदूषण का स्तर मानकों से पांच गुना तक ज्यादा दर्ज किया गया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वेबसाइट सफर की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। वहीं आसपास के इलाकों में भी हवा में प्रदूषण का स्तर 300 एक्यूआई से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। सेटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों में साफ देखा जा रहा है कि सीमा से लगे पाकिस्तान के कई हिस्सों और पंजाब-हरियाणा में किसान बड़े पैमाने पर पराली जलाई जा रही है। यहां से निकले धुएं की चादर दिल्ली और एनसीआर के चारों ओर देखी जा सकती है। हवा की बेहद धीमी गति के चलते ये धुआं हवा में फंसा हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ दिन दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों को इस दमघोंटू हवा में ही सांस लेना होगा।
दिल्ली के आनंद विहार इलाके में सोमवार शाम हवा में पीएम 10 का स्तर 532 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा। वहीं यहां हवा में पीएम 2.5 का स्तर 326 माइक्रोग्राम के करीब दर्ज किया गया। इसी तरह रोहिणी इलाके में पीएम 10 का स्तर 610 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा। जबकि पीएम 2.5 का स्तर 381 माइक्रोग्राम के करीब दर्ज किया गया। मथुरा रोड, आईटीओ, मंदिर मार्ग सहित कई इलाकों में हवा में प्रदूषण का स्तर मानकों से कई गुना दर्ज किया गया। मानकों के तहत हवा में पीएम 10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए। वहीं हवा में पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
जहरीले धुएं में सिर्फ दिल्ली या एनसीआर के लोगों को ही सांस नहीं लेनी पड़ रही है। आसपास के शहरों पर भी इसका असर है। सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट संस्था में लम्बे समय से वायु प्रदूषण पर काम कर रहे विवेक चटोपाध्याय कहते हैं कि पराली के धुएं और प्रदूषण के चलते दिल्ली ही नहीं आसपास के लगभग 250 किलोमीटर के इलाकें में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब है। पूर्वानुमान बता रहे हैं ऐसा अभी कुछ दिन और रहेगा। दिल्ली और एनसीआर के आसपास कई शहर ऐसे हैं जहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक 300 के स्तर को पार कर गया है। ऐसा लगता है कि यह एक साथ हुआ है, इसलिए सामूहिक तौर पर बड़े पैमाने पर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। प्रदूषित धुएं की इस चादर ने हरियाणा के छह शहरों, उत्तर प्रदेश के सात शहरों और पूरी दिल्ली को अपनी चपेट में ले लिया है। आसपास के कुछ और शहरों में भी हालात अच्छे नहीं हैं।

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