Top News

रात में बिजली गुल, गन्ने के खेतों की रखवाली मुश्किल बाघ-तेंदुए और जहरीले जीवों का बढ़ा खतरा, किसान यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी

निघासन (लखीमपुर खीरी)। रात के समय लगातार हो रही बिजली कटौती और ट्रिपिंग ने ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गन्ने के खेतों की रखवाली करने वाले किसानों को अंधेरे में जंगली जानवरों और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बीच रात गुजारनी पड़ रही है। समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर रात में निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की है।

किसान नेताओं ने कहा कि निघासन क्षेत्र के ग्रामीण और देहात इलाकों में रात के समय लगातार बिजली कटौती के साथ ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। इससे किसानों को खेतों की रखवाली करने में परेशानी हो रही है। क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गन्ने की फसल खड़ी है, जिसके बीच रात के समय बाघ, तेंदुआ, हाथी सहित अन्य वन्यजीवों के आने का खतरा बना रहता है।

किसानों का कहना है कि बिजली गुल होने के बाद खेतों और आसपास के रास्तों में घना अंधेरा छा जाता है। ऐसे में वन्यजीवों के साथ ही सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ जाता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

भाकियू (अराजनैतिक) ने मांग की है कि रात के समय होने वाली रोस्टरिंग और अनावश्यक बिजली कटौती को तत्काल बंद किया जाए तथा किसानों की फसल और जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात में नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो क्षेत्र के किसान बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों और प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post