तिकुनियां-खीरी। इलाके व पहाड़ो पर लगातार हुई बारिश के चलते सीमाई इलाका जलमग्न हो गया है। चौगुर्जी और नयापिंड गांव टापू बने हुए है तो जनकपुर गांव में भी नदी का पानी पहुंच गया है। मोहाना नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद खोले गए वैराज के गेट से कम हुए जलस्तर ने कटान करना शुरू कर दिया है।
गुरुवार से शुरू हुई बरसात ने जहां किसानों की धान की फसल चौपट कर दी वही लोगो को घरों में कैद रखा। तेज रफ्तार से चली हवाओ ने बिजली व्यवस्था भी चौपट कर दी है, बिजली न होने से लोग पानी को तरस गए, इन्वर्टर भी बैठ गए। सीमा पर बह रही मोहाना नदी के उफनाने से चौगुर्जी, नयापिंड और जसनगर बाढ़ से घिर गए। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए इलाके के किसानों व ग्रामीणों ने गिरिजापुरी वैराज पर जाकर गेट को शनिवार को खुलवा दिया,जिससे कई गांव बाढ़ से बच गए। नयापिंड गांव के निवासी वीर सिंह ने बाढ़ व कटान के चलते बांध रोड पर अपना छप्पर डालकर आशियाना बना लिया है।
फोहारी बाबा गांव के उत्तर बह रही मोहाना नदी ने जलस्तर घटते ही कटान शुरू कर दिया है। कटान के भय से किसानों ने खेतो में लगी धान व गन्ने की फसल काटनी शुरू कर दी है। किसान स्वर्ण सिंह,मंजीत सिंह,सुरेश,मेलाराम,रामखिलावन और गुरुप्रसाद ने बताया कि नदी लगातार खेतो की तरफ बढ़ रही है इसलिए खेतो में लगी फसल काट रहे है।

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