निघासन (लखीमपुर खीरी)। इलाके में तेंदुओं की बढ़ती संख्या के बीच एक ही रात में खीरी डिवीजन की दो अलग-अलग रेंजों में दो तेंदुए वन विभाग के पिंजरों में कैद हो गए। दोनों तेंदुओं को पकड़ने के बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है, वहीं लगातार बढ़ रही तेंदुओं की आमद से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
दुधवा नेशनल पार्क की सीमा से लगे उत्तर खीरी वन प्रभाग के तराई इलाके में तेंदुओं की आमद तेजी से बढ़ रही है। तेंदुए अब जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाकों में पहुंचने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि घरों में घुसकर जानमाल के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। तेंदुओं की चहलकदमी को देखते हुए वन विभाग की ओर से संभावित इलाकों में पिंजरे लगाए जा रहे हैं।
बीते कुछ महीनों में अकेले इसी इलाके से करीब 14 तेंदुए पिंजरों में कैद किए जा चुके हैं। पकड़े गए तेंदुओं को दूसरे जिलों में ले जाकर जंगलों में छोड़ा गया है। इसके बावजूद इलाके में तेंदुओं की आमद लगातार बनी हुई है।
वन विभाग के अनुसार, 24 और 25 अगस्त की दरमियानी रात दक्षिण निघासन रेंज के हीरालाल पुरवा में लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हुआ। वहीं उत्तर बेलरायां रेंज में प्रधान के पास लगाए गए पिंजरे में भी एक अन्य तेंदुआ फंस गया। एक ही रात में दो अलग-अलग रेंजों में तेंदुओं के पकड़े जाने से वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और क्षेत्र में तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता एक बार फिर चर्चा में है।
लगातार बढ़ रही तेंदुओं की आमद ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में लोग रात के समय घरों से निकलने में भी घबराने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में तेंदुओं की चहलकदमी लगातार बढ़ रही है, जिससे हर समय अनहोनी की आशंका बनी रहती है।

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