लखीमपुर-खीरी। उत्तर खीरी वन प्रभाग के बफर जोन में मंगलवार को एक बाघिन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बाघिन को ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचने के बाद वन विभाग की टीम ने ट्रैंक्युलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया था, लेकिन कुछ घंटों बाद उसकी मृत्यु हो गई।
जानकारी के अनुसार मझगई रेंज के बबौरा बीट अंतर्गत ग्राम रामपुर मझरा रामनगरकलां (थाना भीरा) के पास एक बाघिन जंगल की सीमा पार कर खेतों में पहुंच गई थी। क्षेत्र में दहशत का माहौल देखते हुए वन विभाग की टीम ने बाघिन की लगातार निगरानी की और उसे सुरक्षित पकड़ने की योजना बनाई।
वन विभाग के अनुसार 23 जून 2026 की सुबह करीब 5:10 बजे बाघिन को ट्रैंक्युलाइज कर पिंजरे के माध्यम से मझगई रेंज परिसर लाया गया। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया और उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ने योग्य बताया।
वनकर्मी बाघिन को वापस जंगल में छोड़ने की तैयारी कर रहे थे, तभी मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे रेस्क्यू की गई बाघिन की अचानक मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया।
प्रभागीय वनाधिकारी एवं उपनिदेशक बफर जोन कीर्ति चौधरी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बाघिन की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर, बरेली के विशेषज्ञों द्वारा कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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