गूगल से लिया गया गिद्धों का फोटो
लखीमपुर खीरी
भीरा वनरेंज क्षेत्र के सेमरिया गांव में 25 गिद्धों की संदिग्ध मौत के मामले ने वन विभाग को सतर्क कर दिया है। सोमवार को लखनऊ से पहुंचे मुख्य वन संरक्षक (टाइगर प्रोजेक्ट) संजय कुमार पाठक ने डीएफओ खीरी कीर्ति चौधरी के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे प्रकरण की गहन जांच की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और मौके पर मौजूद वनकर्मियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्य वन संरक्षक संजय कुमार पाठक ने इस घटना को अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि गिद्धों की मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही संभव हो सकेगा।
प्राथमिक तौर पर वन विभाग को आशंका है कि खेतों में कीटनाशक युक्त मृत पशुओं को खाने से गिद्धों की मौत हुई हो सकती है। इस संभावना को देखते हुए विभाग ने कीटनाशकों और उर्वरकों की बिक्री पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि बिना निर्धारित फार्म भरे किसी भी व्यक्ति को कीटनाशक दवाएं न बेची जाएं और उनके उपयोग का उद्देश्य दर्ज किया जाए।
इसके साथ ही वन विभाग ने आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे मृत पशुओं को खुले में न छोड़ें, ताकि वन्यजीवों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो।
फिलहाल विभाग विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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